आपको Income Tax Refund के मेसेज के बजाय नोटिस का SMS आया है क्या? आयकर विभाग के नोटिस के SMS को एक सामान्य संदेश समझकर अनदेखा न करें। एक छोटी सी चूक भी करदाताओं को महंगी पड़ सकती है।
आपका इनकम टैक्स रिफंड अटका हुआ है – ऐसा आपको आयकर विभाग से संदेश आया है क्या? तो घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन लापरवाही बहुत महंगी पड़ सकती है। ऐसा मेसेज मिलने का मतलब है कि आपका रिफंड रुक सकता है और समय पर कार्रवाई नहीं की तो आपके पैसे अटक सकते हैं।
अब तक ज्यादातर करदाताओं के बैंक अकाउंट में इनकम टैक्स का रिफंड जमा हो चुका है, लेकिन जिनका अभी तक रिफंड नहीं आया है, उन्हें आयकर विभाग नोटिस भेज रहा है।
आयकर विभाग के SMS को इग्नोर न करें!
हाल ही में, कई करदाताओं को आयकर रिटर्न के बारे में संदेश मिले हैं कि 2025-26 के आकलन वर्ष के लिए रिफंड मांगा गया है, लेकिन रिफंड अभी तक प्रोसेस नहीं किया गया है। कारण यह है कि कुछ विसंगतियों के चलते रिस्क मैनेजमेंट प्रक्रिया के तहत रिफंड को रोक दिया गया है।
ध्यान रखें कि ऐसे संदेश का मतलब यह नहीं कि आपका रिफंड अटक गया है, बल्कि आयकर विभाग आपको सुधारित रिटर्न दाखिल करने का अवसर दे रहा है।
31 दिसंबर तक सुधारित रिटर्न दाखिल करें
आयकर विभाग ने करदाताओं को सुधारित रिटर्न दाखिल करने के लिए 31 दिसंबर 2025 तक की मोहलत दी है। अगर आपने ITR दाखिल करते समय पूरे कागजात जमा नहीं किए थे, तो अब आप सही ITR दाखिल कर सकते हैं, नहीं तो आपको अतिरिक्त 25% टैक्स भरना होगा।
1 जनवरी से लगेगा झटका
अगर आप 31 दिसंबर 2025 तक सुधारित रिटर्न दाखिल कर देते हैं, तो कोई अतिरिक्त टैक्स नहीं लगेगा। लेकिन अगर आप 1 जनवरी 2026 या उसके बाद दाखिल करते हैं, तो आपकी टैक्स राशि पर 25% अतिरिक्त टैक्स लगाया जाएगा।
रिफंड क्यों रोका जा रहा है?
आयकर विभाग इन मुख्य कारणों से रिफंड रोक सकता है:
1. Form 16 और ITR में बेमेल: Form 16 और ITR में दी गई जानकारी मेल नहीं खाती।
2. Form 26AS में अंतर: TDS, TCS, ब्याज आय में गलती या बेमेल।
3. असामान्य डिडक्शन: आय के अनुपात में ज्यादा रिफंड क्लेम।
4. TDS और रिफंड का अनुपात: क्लेम किया गया रिफंड कुल TDS का बहुत बड़ा हिस्सा।
5. House Rent बिना TDS: किराए पर TDS नहीं कटा है।
क्या करें अगर SMS आया है?
Step 1: Income Tax Portal https://www.incometax.gov.in पर लॉग इन करें और e-Proceedings में मेसेज चेक करें।
Step 2: अपना ITR, Form 16 और Form 26AS का लाइन-बाय-लाइन मिलान करें।
Step 3: गलती है तो 31 दिसंबर से पहले Revised Return दाखिल करें।
Step 4: सब सही है तो आपका रिफंड वेरिफिकेशन के बाद आ सकता है।
Revised Return कैसे दाखिल करें?
- Income Tax e-Filing portal पर लॉग इन करें
- “File Income Tax Return” पर क्लिक करें और (AY) 2025-26 चुने।
- Filing Type में “Revised Return u/s 139(5)” चुनें
- Original ITR की Details डालें
- सभी गलतियां सुधारें और submit करें
- e-Verify करना न भूलें
याद रखें: डेडलाइन से पहले दाखिल करने पर कोई पेनल्टी नहीं।
Revised vs Updated Return
- 31 दिसंबर तक: Revised Return – बिना पेनल्टी, रिफंड मिलेगा
- 1 जनवरी से: Updated Return – 25% अतिरिक्त टैक्स, रिफंड नहीं मिलेगा
Common Mistakes
- Pre-filled Data पर भरोसा: हमेशा सटीक नहीं होता
- Bank Account Validation: पहले से validate न हो
- Wrong ITR Form: गलत form का इस्तेमाल
- Missing Income: ब्याज आय, किराया आय छोड़ना
Refund Status कैसे चेक करें?
- Income Tax Portal पर “View Returns/Forms” में जाएं
- या NSDL: https://tin.tin.nsdl.com/oltas/refundstatuslogin.html
- Helpline: 1800-180-1961
सावधानियां
- SMS मिलते ही portal पर चेक करें
- CA से सलाह लें
- Documents तैयार रखें
- Fraudulent messages से बचें
- केवल official portal use करें
निष्कर्ष
अगर आपको Income Tax विभाग से SMS मिला है, तो घबराएं नहीं, लेकिन ignore भी न करें। 31 दिसंबर 2025 तक का समय है – आज ही अपनी ITR review करें। 1 जनवरी के बाद 25% अतिरिक्त टैक्स देना पड़ेगा और रिफंड claim का अधिकार भी खो सकते हैं।
समय पर सही कार्रवाई से आप अपना पूरा रिफंड पा सकते हैं।
Important Links:
- Income Tax Portal: https://www.incometax.gov.in
- Helpline: 1800-180-1961
याद रखें: विशिष्ट tax सलाह के लिए किसी Chartered Accountant से परामर्श करें।

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