Microsoft छोड़कर रात में AI को सिखाया सबक! सिर्फ 3.5 घंटे काम और सालाना ₹2.6 करोड़ कमाई, 34 साल के शख्स ने चौंकाया

करियर और कमाई के आम तरीकों को छोड़कर दिल्ली मूल के एक शख्स ने ऐसी कहानी लिखी है जो हर किसी को हैरान कर रही है। Microsoft जैसी दिग्गज कंपनी में 6 साल काम करने के बावजूद इस शख्स ने रात के वक्त AI मॉडल्स को ट्रेनिंग देने का अनोखा रास्ता चुना। सिर्फ 3.5 घंटे रोजाना काम करके उन्होंने एक साल से भी कम समय में 2.6 करोड़ रुपये की कमाई कर ली और आज उनकी यह फ्रीलांसिंग सक्सेस स्टोरी सबकी जुबान पर है।

जहां लोग फ्रीलांस के नाम पर छोटे-मोटे काम की तलाश में रहते हैं, वहीं दिल्ली के रहने वाले 34 वर्षीय उत्कर्ष अमिताभ ने फ्रीलांसिंग के काम में कमाल कर दिया है। उत्कर्ष ने माइक्रोसॉफ्ट में 6 साल से ज्यादा काम करने के अनुभव के बाद रात के समय AI मॉडल को ट्रेनिंग देना शुरू किया। आपको जानकर हैरानी होगी कि इस काम के लिए उन्हें लगभग ₹18,000 प्रति घंटा मिलते हैं।

जनवरी 2025 में शुरू की फ्रीलांसिंग

उत्कर्ष अभी यूके में रहते हैं और उन्होंने इसी साल जनवरी 2025 में micro1 नाम के AI स्टार्टअप के साथ फ्रीलांसिंग की शुरुआत की। अब तक यानी एक साल से भी कम समय में उन्होंने बोनस मिलाकर लगभग $300,000 (₹2.6 करोड़) की कमाई कर ली है। हैरानी की बात यह है कि उत्कर्ष ने यह काम पैसों के लिए नहीं बल्कि खुदके पसंद और रिसर्च के उद्देश्य से शुरू किया था।

Microsoft में 6 साल का AI अनुभव

उत्कर्ष के पास मैकेनिकल इंजीनियरिंग में अंडरग्रेजुएट डिग्री और मॉरल फिलॉसफी में मास्टर्स डिग्री है। उन्होंने माइक्रोसॉफ्ट में 6 साल से ज्यादा समय बिजनेस डेवलपमेंट में बिताया, जहां उनका फोकस क्लाउड कंप्यूटिंग और AI पार्टनरशिप पर था। इस अनुभव ने उन्हें AI ट्रेनिंग के लिए परफेक्ट फिट बना दिया।

मात्र 3.5 घंटे रात में काम

उत्कर्ष की दिनचर्या काफी व्यस्त है। वे ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में PhD कर रहे हैं, Network Capital नाम की ग्लोबल मेंटरशिप कंपनी के फाउंडर हैं, और यूनिवर्सिटी में लेक्चरर भी हैं। इतना सब करने के बावजूद वे रोज रात में औसतन 3.5 घंटे AI ट्रेनिंग का काम करते हैं – आमतौर पर अपनी 1 साल की बेटी के सोने के बाद।

₹18,000 प्रति घंटा की कमाई

CNBC Make It की रिपोर्ट के मुताबिक, उत्कर्ष को micro1 में AI मॉडल्स को ट्रेन करने के लिए $200 प्रति घंटा (लगभग ₹18,000) मिलते हैं। कंपनी के प्रवक्ता ने पुष्टि की है कि जनवरी 2025 से अब तक उत्कर्ष ने प्रोजेक्ट कम्प्लीशन बोनस समेत लगभग $300,000 (₹2.6 करोड़) कमाए हैं।

क्या होता है AI Training का काम?

AI मॉडल ट्रेनिंग में बड़ी मात्रा में जानकारी और सिनेरियो को एल्गोरिदम में फीड किया जाता है। फिर मॉडल को प्रॉम्प्ट्स के जरिए टेस्ट किया जाता है। Micro1 जैसी कंपनियां डॉक्टर्स, लॉयर्स, इंजीनियर्स जैसे विभिन्न क्षेत्रों के एक्सपर्ट्स को रिक्रूट करती हैं जो AI मॉडल्स को रिफाइन और चैलेंज कर सकें।

Micro1 – $500 मिलियन की वैल्यूएशन

2022 में स्थापित micro1 ने 2 मिलियन से ज्यादा एक्सपर्ट्स का नेटवर्क बना लिया है जो Microsoft जैसे बड़े AI लैब्स और Fortune 100 कंपनियों के लिए AI मॉडल्स ट्रेन करते हैं। कंपनी की हाल की वैल्यूएशन $500 मिलियन है।

पैसा मुख्य मकसद नहीं था

उत्कर्ष कहते हैं कि जब micro1 ने जनवरी 2025 में संपर्क किया तो वे नई जॉब की तलाश में नहीं थे। उन्होंने यह काम स्वीकार किया क्योंकि “intellectual curiosity ने मुझे खींचा।” उन्होंने CNBC Make It को बताया, “पैसा उतना motivator नहीं था जितना कि यह काम मेरे पर्सनल और प्रोफेशनल इंटरेस्ट्स के साथ overlap करता था।”

World Economic Forum में भी रहे सक्रिय

उत्कर्ष Global Shapers community के हिस्से रहे हैं और Davos में World Economic Forum की Annual Meeting में टॉप 50 यंग लीडर्स में से एक के रूप में India को प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। उनकी लिखी किताब “The Side-Hustle Revolution” इसी पर आधारित है।

Microsoft का India में AI Skilling Initiative

दिलचस्प बात यह है कि उत्कर्ष की success story उस समय आई है जब Microsoft India में बड़े पैमाने पर AI skilling पर focus कर रहा है। Microsoft ने 2030 तक 10 मिलियन Indians को AI train करने का लक्ष्य रखा है। कंपनी ने India में cloud और AI infrastructure में $20 billion से ज्यादा invest करने का भी ऐलान किया है।

Flexibility सबसे बड़ा फायदा

उत्कर्ष के लिए इस फ्रीलांस role का सबसे बड़ा attraction इसकी flexibility थी। रात में 3.5 घंटे काम करके वे अपने दिन के सभी commitments – PhD research, company management, teaching और family time – को balance कर पाते हैं।

कैसे बनें AI Trainer?

अगर आप भी AI training में करियर बनाना चाहते हैं:

1. Deep Expertise Develop करें – किसी एक field में गहरा ज्ञान 2. AI Tools से Familiar हों – ChatGPT, Copilot को समझें 3. Technical + Domain Knowledge – दोनों का combination 4. Freelance Platforms – Micro1, ScaleAI जैसी companies देखें 5. Continuous Learning – AI field में updated रहें

निष्कर्ष

उत्कर्ष अमिताभ की कहानी यह साबित करती है कि AI economy में unconventional paths से भी exceptional success मिल सकती है। Microsoft में 6 साल के AI अनुभव और intellectual curiosity ने उन्हें रात में सिर्फ 3.5 घंटे काम करके सालाना ₹2.6 करोड़ कमाने लायक बना दिया।

यह कहानी तीन important lessons देती है – Expertise की value, Flexibility की power, और यह कि AI को human experts की जरूरत है, replacement नहीं collaboration है। जैसे-जैसे India AI transformation की तरफ बढ़ रहा है, Microsoft के skilling initiatives और उत्कर्ष जैसी success stories दूसरों को भी inspire कर रही हैं।

नोट: यह आर्टिकल CNBC Make It और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। AI training jobs की availability और compensation अलग-अलग platforms के according vary करते हैं।

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