PM Internship Scheme 2026 में बड़ा बदलाव: तीसरे चरण में क्या बदलेगा युवाओं के लिए?

केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री इंटर्नशिप स्कीम (PM Internship Scheme) को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। सूत्रों के अनुसार, इस योजना का तीसरा चरण जनवरी 2026 के मध्य से शुरू होने की संभावना है। इस बार योजना में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव किए जा रहे हैं, जिससे यह युवाओं के लिए पहले से अधिक आकर्षक बन सकेगी।

योजना के तीसरे चरण में प्रमुख बदलाव

12 महीने की इस इंटर्नशिप योजना के पायलट प्रोजेक्ट के तीसरे दौर में कुछ सेक्टरों में इंटर्नशिप की अवधि घटाई जा सकती है। खासतौर पर सेवा क्षेत्र से जुड़े इंटर्नशिप प्रोग्राम में समय कम किए जाने की उम्मीद है। सरकार का मानना है कि इन बदलावों से अधिक युवा इस योजना से जुड़ पाएंगे और उन्हें व्यावहारिक अनुभव हासिल करने का बेहतर अवसर मिलेगा।

दूसरे चरण के आंकड़े और चुनौतियां

संसद के शीत सत्र में सरकार द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, पायलट कार्यक्रम के दूसरे दौर में इंटर्नशिप ऑफर स्वीकार करने वाले उम्मीदवारों की संख्या पहले दौर के मुकाबले 12.4 प्रतिशत कम रही है। पहले चरण में जहां 28,141 उम्मीदवारों ने इंटर्नशिप ऑफर स्वीकार किए थे, वहीं दूसरे चरण में यह संख्या घटकर 24,638 रह गई।

ऑफर स्वीकार करने की दर में भी गिरावट देखी गई है। पहले दौर में 34 प्रतिशत उम्मीदवारों ने इंटर्नशिप ऑफर स्वीकार किया था, जबकि दूसरे दौर में यह आंकड़ा घटकर 29 प्रतिशत रह गया। हालांकि, प्रतिशत में गिरावट के बावजूद सरकार का कहना है कि दूसरे चरण में कुल ऑफर की संख्या पहले के मुकाबले अधिक रही।

सरकार द्वारा पहचानी गई समस्याएं

कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय ने संसदीय पैनल को बताया कि इंटर्नशिप की लंबी अवधि और उम्मीदवारों की रुचि तथा प्रस्तावित भूमिकाओं के बीच तालमेल की कमी कम स्वीकृति दर के प्रमुख कारण थे। इसके अलावा, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों और पॉलिटेक्निक से आवेदकों के चयन के लिए आयु सीमा कम करने की मांग भी की गई थी।

दूसरे चरण में कंपनियों की भागीदारी

दूसरे दौर में निजी और सार्वजनिक क्षेत्र की कई बड़ी कंपनियों ने बड़ी संख्या में इंटर्नशिप अवसर उपलब्ध कराए। इस चरण में:

  • जुबिलेंट फूडवर्क्स: 13,658 इंटर्नशिप अवसर
  • पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन: 7,880 इंटर्नशिप अवसर
  • एचडीएफसी बैंक: 6,800 इंटर्नशिप अवसर

दूसरे चरण में लगभग 70 नई कंपनियां इस योजना से जुड़ीं, जिससे युवाओं के लिए अवसरों की संख्या में वृद्धि हुई।

योजना का उद्देश्य और लक्ष्य

प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना की घोषणा वर्ष 2024-25 के पूर्ण बजट में की गई थी। इस योजना का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में देश की शीर्ष 500 कंपनियों के माध्यम से एक करोड़ युवाओं को इंटर्नशिप का अवसर देना है। योजना की शुरुआत के तौर पर संबंधित मंत्रालय ने 3 अक्टूबर 2024 को इसका पायलट प्रोजेक्ट लॉन्च किया था। पायलट चरण के तहत एक वर्ष में 1.25 लाख इंटर्नशिप अवसर उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया था।

इंटर्नशिप के लाभ और सुविधाएं

कॉर्पोरेट मामलों का मंत्रालय इंटर्न को शामिल होने पर 6,000 रुपये का प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण प्रदान करता है, साथ ही पीएम जीवन ज्योति बीमा और पीएम सुरक्षा योजना के तहत कवरेज भी मिलती है। प्रति माह 5,000 रुपये की वित्तीय सहायता भी प्रदान की जाती है, जिसमें से 4,500 रुपये सरकार द्वारा और 500 रुपये कंपनी द्वारा अपने सीएसआर फंड से वितरित किए जाते हैं।

पात्रता मानदंड

योजना के लिए पात्रता मानदंड निम्नलिखित हैं:

  • आयु सीमा: 21 से 24 वर्ष के बीच
  • शैक्षणिक योग्यता: स्नातक या स्नातकोत्तर उत्तीर्ण
  • रोजगार स्थिति: किसी पूर्णकालिक शैक्षणिक कार्यक्रम या रोजगार में नहीं होना चाहिए
  • पारिवारिक आय: 8 लाख रुपये से कम वार्षिक आय
  • नागरिकता: भारतीय नागरिक होना अनिवार्य

आवेदन प्रक्रिया

इच्छुक उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट pminternship.mca.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। सरकार ने एक मोबाइल ऐप भी लॉन्च किया है, जिससे आवेदन प्रक्रिया और भी सरल हो गई है।

निष्कर्ष

प्रधानमंत्री इंटर्नशिप स्कीम 2026 का तीसरा चरण युवाओं के लिए एक बेहतरीन अवसर साबित हो सकता है। सरकार द्वारा किए जा रहे बदलाव योजना को अधिक व्यावहारिक और आकर्षक बनाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम हैं। युवाओं को सलाह दी जाती है कि वे आधिकारिक वेबसाइट पर नियमित रूप से अपडेट चेक करते रहें और तीसरे चरण की घोषणा होते ही आवेदन करें।

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