भारत सरकार की Sukanya Samriddhi Yojana आज के दौर में बेटियों के भविष्य को संवारने का सबसे विश्वसनीय माध्यम बन चुकी है। यह योजना विशेष रूप से उन परिवारों के लिए वरदान साबित हो रही है जो अपनी बेटी की शिक्षा और विवाह के खर्चों को लेकर चिंतित रहते हैं। Sukanya Samriddhi Yojana में निवेश करके आप मात्र 250 रुपये प्रतिवर्ष से शुरुआत कर सकते हैं और अपनी बेटी के लिए एक मजबूत वित्तीय आधार तैयार कर सकते हैं।
न्यूनतम निवेश से मिलता है अधिकतम लाभ
Sukanya Samriddhi Yojana को ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ मिशन के अंतर्गत 2015 में लॉन्च किया गया था। इस योजना की सबसे खास बात यह है कि आप सालाना केवल 250 रुपये जमा करके खाता चालू रख सकते हैं, जबकि अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक का वार्षिक निवेश संभव है। यह सुविधा हर आय वर्ग के परिवारों को अपनी क्षमता अनुसार बचत करने की छूट देती है।
योजना के अंतर्गत एक परिवार अधिकतम दो बालिकाओं के नाम पर खाते खोल सकता है। यदि पहली संतान के बाद जुड़वा या तीन बच्चे एक साथ होते हैं, तो तीसरे खाते की अनुमति भी मिल सकती है। खाता खोलने के समय बालिका की आयु 10 वर्ष से कम होनी आवश्यक है।
जनवरी-मार्च 2026 तिमाही की ब्याज दर
वर्तमान में Sukanya Samriddhi Yojana पर सरकार 8.2% वार्षिक ब्याज दर प्रदान कर रही है, जो जनवरी से मार्च 2026 तिमाही के लिए निर्धारित की गई है। यह ब्याज दर सालाना चक्रवृद्धि आधार पर गणना की जाती है, जिससे आपका फंड तेजी से बढ़ता है। सरकार प्रत्येक तिमाही में ब्याज दरों की पुनर्समीक्षा करती है और बाजार स्थिति के अनुसार संशोधन करती है।
अन्य छोटी बचत योजनाओं और बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट की तुलना में यह दर काफी आकर्षक है। इसके साथ ही मिलने वाला ब्याज और मेच्योरिटी राशि दोनों पूर्णतः कर मुक्त होते हैं, जो इसे और भी फायदेमंद बनाता है।
21 वर्ष की मैच्योरिटी अवधि और 15 वर्ष तक का योगदान काल
खाता खोलने की तिथि से 21 वर्ष बाद Sukanya Samriddhi Yojana परिपक्व होती है। हालांकि, राशि जमा करने की अवधि मात्र 15 वर्ष है। शेष 6 वर्षों तक आपका संचित धन निर्धारित ब्याज दर पर वृद्धि करता रहता है बिना किसी अतिरिक्त जमा के।
उदाहरण के तौर पर, यदि आपकी बेटी 2 वर्ष की है और आप आज खाता खोलते हैं, तो 17 वर्ष की आयु तक धनराशि जमा करनी होगी और 23 वर्ष की आयु में खाता परिपक्व हो जाएगा। यह समय आमतौर पर उच्च शिक्षा या विवाह के लिए उपयुक्त होता है।
डाकघर में खाता खोलने की सरल विधि
Sukanya Samriddhi Yojana का खाता किसी भी पोस्ट ऑफिस या अधिकृत सरकारी बैंक में खोला जा सकता है। आवेदन प्रक्रिया अत्यंत सरल है और निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता होती है:
- बालिका का जन्म प्रमाण पत्र या अस्पताल द्वारा जारी जन्म पर्ची
- बालिका का आधार कार्ड
- माता-पिता या अभिभावक का आधार कार्ड
- माता-पिता का पैन कार्ड
- निवास का प्रमाण पत्र
- हाल की पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ
फॉर्म भरने और दस्तावेज जमा करने के बाद लगभग एक घंटे में पासबुक जारी कर दी जाती है। खाते को बाद में देशभर में कहीं भी स्थानांतरित किया जा सकता है।
कर लाभ की त्रिस्तरीय व्यवस्था
Sukanya Samriddhi Yojana आयकर अधिनियम की धारा 80C के अंतर्गत तीन प्रकार के कर लाभ प्रदान करती है। जमा की गई राशि पर 1.5 लाख रुपये तक की वार्षिक कटौती का दावा किया जा सकता है। खाते में अर्जित होने वाला ब्याज पूरी तरह कर मुक्त है। परिपक्वता पर प्राप्त होने वाली संपूर्ण राशि, जिसमें मूल धन और संचित ब्याज दोनों शामिल हैं, पूर्णतः कर से मुक्त होती है।
यह EEE (Exempt-Exempt-Exempt) श्रेणी की योजना है, जो भारत में उपलब्ध सर्वोत्तम कर बचत विकल्पों में से एक मानी जाती है।
शिक्षा के लिए आंशिक निकासी की सुविधा
बालिका के 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने के बाद उच्च शिक्षा के उद्देश्य से खाते में जमा राशि का 50% तक निकाला जा सकता है। यह सुविधा विशेष रूप से कॉलेज प्रवेश, व्यावसायिक पाठ्यक्रमों या अन्य शैक्षणिक आवश्यकताओं के लिए उपयोगी साबित होती है।
विवाह की स्थिति में, बालिका के 18 वर्ष की होने के पश्चात और विवाह से एक माह पूर्व या तीन माह पश्चात तक खाता समय पूर्व बंद किया जा सकता है। इसके लिए आयु प्रमाण और विवाह प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना आवश्यक है।
परिपक्वता पर कितनी राशि मिलेगी?
मान लीजिए आप अपनी 1 वर्षीय बेटी के लिए खाता खोलते हैं और प्रतिवर्ष 1.5 लाख रुपये जमा करते हैं। 8.2% वार्षिक ब्याज दर पर 15 वर्षों में आपका कुल निवेश 22.5 लाख रुपये होगा। परंतु 21 वर्ष की परिपक्वता पर चक्रवृद्धि ब्याज के कारण आपको लगभग 69 से 70 लाख रुपये की राशि प्राप्त होगी।
यह राशि आपकी बेटी की उच्च शिक्षा, विदेश में अध्ययन या विवाह के समस्त खर्चों को सरलता से पूरा करने में सक्षम होगी।
खाता प्रबंधन और महत्वपूर्ण नियम
खाता प्रारंभ में माता-पिता या अभिभावक द्वारा संचालित होता है। बालिका के 18 वर्ष पूर्ण होने पर वह स्वयं खाते का नियंत्रण ले सकती है। यदि किसी वित्तीय वर्ष में न्यूनतम 250 रुपये जमा नहीं किए जाते, तो खाता निष्क्रिय हो जाता है। इसे पुनः सक्रिय करने के लिए 50 रुपये प्रति वर्ष का जुर्माना और बकाया न्यूनतम राशि जमा करनी होती है।
सरकारी समर्थन से पूर्ण सुरक्षा
Sukanya Samriddhi Yojana पूरी तरह से भारत सरकार द्वारा समर्थित और गारंटीकृत योजना है, जो इसे अत्यंत सुरक्षित निवेश विकल्प बनाती है। बाजार में होने वाले उतार-चढ़ाव का इस योजना पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता। यह डाकघरों और प्रमुख सरकारी बैंकों जैसे SBI, PNB, Bank of Baroda आदि में उपलब्ध है।
वर्तमान समय में जब बेटियों की शिक्षा और आत्मनिर्भरता पर विशेष जोर दिया जा रहा है, Sukanya Samriddhi Yojana एक आदर्श वित्तीय साधन साबित हो रही है। छोटी-छोटी बचत से बड़ा फंड तैयार करने की यह योजना हर माता-पिता के लिए अपनी बेटी के उज्ज्वल भविष्य का सपना साकार करने का सशक्त माध्यम है।
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