₹4500 बेरोजगारी भत्ता सच या बड़ा झूठ? सरकार ने खुद बताई पूरी सच्चाई

इन दिनों सोशल मीडिया पर बेरोजगारी भत्ता योजना को लेकर तरह-तरह की खबरें वायरल हो रही हैं। कुछ यूट्यूब चैनल्स और वेबसाइट्स दावा कर रहे हैं कि केंद्र सरकार सभी बेरोजगार युवाओं को हर महीने ₹4500 दे रही है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस दावे की असली सच्चाई क्या है? चलिए, आज हम आपको बेरोजगारी भत्ता योजना के बारे में पूरी जानकारी देते हैं।

क्या है बेरोजगारी भत्ता योजना की सच्चाई?

सबसे पहले आपको यह जानना जरूरी है कि भारत सरकार की ओर से कोई केंद्रीय स्तर की ‘पीएम बेरोजगारी भत्ता योजना’ नहीं चलाई जा रही है। यह बात PIB (प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो) ने भी स्पष्ट कर दी है। जो वीडियो और पोस्ट्स सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, वे पूरी तरह से फर्जी और भ्रामक हैं।

हालांकि, यह सच है कि कुछ राज्य सरकारें अपने स्तर पर बेरोजगारी भत्ता योजना चलाती हैं। ये योजनाएं अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग नियम और शर्तों के साथ लागू हैं। इसलिए अगर आप बेरोजगारी भत्ता पाना चाहते हैं, तो आपको अपने राज्य की योजना के बारे में सही जानकारी लेनी होगी।

जानिए किन किन राज्यों में रोजगार भत्ता मिलता है।

भारत के कई राज्यों में शिक्षित बेरोजगार युवाओं के लिए बेरोजगारी भत्ता योजना लागू है। आइए जानते हैं किन राज्यों में यह योजना चल रही है:

उत्तर प्रदेश: यहां ‘रोजगार संगम बेरोजगारी भत्ता योजना’ के तहत शिक्षित बेरोजगार युवाओं को हर महीने ₹1,000 से ₹1,500 तक की आर्थिक सहायता दी जाती है।

राजस्थान: राजस्थान में पुरुषों को ₹3,000 और महिलाओं को ₹3,500 प्रति माह बेरोजगारी भत्ता दिया जाता है। यह सहायता लगातार दो वर्षों तक मिलती है।

बिहार: बिहार सरकार की ‘मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना’ के तहत 20 से 25 वर्ष की आयु के युवाओं को ₹1,000 प्रति माह मिलते हैं।

छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ में बेरोजगार युवाओं को ₹2,500 प्रति माह का भत्ता दिया जाता है। यह सुविधा दो साल तक उपलब्ध है।

हरियाणा: हरियाणा की ‘सक्षम युवा योजना’ के तहत स्नातक बेरोजगारों को ₹3,000 और पोस्ट ग्रेजुएट को ₹3,500 महीने का भत्ता मिलता है।

बेरोजगारी भत्ता पाने के लिए क्या हैं जरूरी शर्तें?

हालांकि हर राज्य की अपनी अलग पात्रता शर्तें हैं, लेकिन कुछ सामान्य योग्यताएं सभी जगह लागू होती हैं:

आवेदक उस राज्य का मूल निवासी होना चाहिए। उम्र सीमा आमतौर पर 21 से 35 वर्ष के बीच होती है। आवेदक कम से कम 12वीं पास या स्नातक होना चाहिए। परिवार की वार्षिक आय एक निश्चित सीमा से कम होनी चाहिए। आवेदक किसी भी सरकारी या प्राइवेट नौकरी में नहीं होना चाहिए। रोजगार कार्यालय में पंजीकरण अनिवार्य है।

कैसे करें आवेदन?

बेरोजगारी भत्ता के लिए आवेदन प्रक्रिया हर राज्य में ऑनलाइन है। आप अपने राज्य के रोजगार विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। कुछ प्रमुख वेबसाइट्स हैं:

फर्जी योजनाओं से कैसे बचें?

आजकल सोशल मीडिया पर बहुत सारे फर्जी यूट्यूब चैनल और वेबसाइट्स सरकारी योजनाओं के नाम पर गलत जानकारी फैला रहे हैं। इन स्कैम्स से बचने के लिए हमेशा इन बातों का ध्यान रखें:

किसी भी सरकारी योजना की जानकारी के लिए सिर्फ आधिकारिक सरकारी वेबसाइट्स पर ही भरोसा करें। https://myscheme.gov.in पर जाकर सभी सरकारी योजनाओं की सही जानकारी प्राप्त करें। यूट्यूब के थंबनेल या सोशल मीडिया पोस्ट्स पर आंख मूंदकर विश्वास न करें। किसी भी योजना के लिए आवेदन करने से पहले अपने जिले के रोजगार कार्यालय से संपर्क करें।

निष्कर्ष

बेरोजगारी भत्ता योजना निश्चित रूप से बेरोजगार युवाओं के लिए एक बड़ी मदद है, लेकिन यह केंद्र सरकार की नहीं बल्कि राज्य सरकारों की योजना है। अगर आप इस योजना का लाभ उठाना चाहते हैं, तो अपने राज्य की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं और सही प्रक्रिया का पालन करें। फर्जी खबरों और स्कैम से सावधान रहें, और हमेशा आधिकारिक स्रोतों से ही जानकारी लें।

याद रखें, सरकारी योजनाओं की सही और सटीक जानकारी के लिए myscheme.gov.in सबसे विश्वसनीय स्रोत है। किसी भी भ्रामक जानकारी को आगे शेयर न करें और अपने दोस्तों और परिवार को भी जागरूक करें।

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