गाजियाबाद में PM Awas Yojana के अंतर्गत निर्मित घरों में रहने वाले परिवारों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है. शहर की अलग-अलग जगहों पर बनाए गए कुल 3496 आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के फ्लैटों तक शीघ्र ही जलापूर्ति व्यवस्था पहुंच जाएगी. जल निगम द्वारा लगातार कार्य में विलंब करने के पश्चात अब गाजियाबाद डेवलपमेंट अथॉरिटी ने इस परियोजना की जिम्मेदारी अपने हाथों में ली है और करीब 14.7 करोड़ रुपये खर्च करके यह काम पूरा कराने का संकल्प लिया है.
विकास प्राधिकरण का निर्णय: स्वयं संभालेगी परियोजना
गाजियाबाद डेवलपमेंट अथॉरिटी के सचिव राजेश कुमार सिंह द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, केंद्र की महत्वाकांक्षी आवास परियोजना के तहत नगर में कुल 3496 इकाइयों का निर्माण और वितरण संपन्न हो चुका है. इन रिहायशी इकाइयों में विद्युत आपूर्ति, सड़क संपर्क तथा अन्य प्राथमिक सुविधाएं उपलब्ध करा दी गई हैं, परंतु पीने के पानी की व्यवस्था न होने से अधिकांश लाभार्थी अभी तक किराए के मकानों में जीवन यापन करने को विवश हैं.
प्रारंभ में इस कार्यक्रम के अंतर्गत जलापूर्ति एवं मलनिर्वहन प्रबंधन का दायित्व जल निगम को सौंपा गया था. इसके लिए लगभग चौदह करोड़ सात लाख रुपये का बजट अनुमान भी बनाया गया था, किंतु लंबा समय गुजर जाने के बाद भी कार्य प्रारंभ नहीं हो सका. इस स्थिति को देखते हुए अब डेवलपमेंट अथॉरिटी ने स्वयं इस योजना को कार्यान्वित करने का फैसला किया है. प्राधिकरण जनवरी 2026 में निविदाएं आमंत्रित करेगा जिससे परियोजना में और विलंब न हो.
पांच केंद्रों पर होगा जल भंडारण एवं वितरण तंत्र का निर्माण
प्राधिकरण के अधिकारियों द्वारा बताया गया है कि जनपद के पांच भिन्न स्थलों पर स्थापित आर्थिक आवास इकाइयों में जलापूर्ति हेतु अलग-अलग क्षमता वाले जल संचयन टैंक, भूजल निकासी प्रणाली, पम्पिंग स्टेशन एवं परिसीमा दीवार का निर्माण कराया जाएगा.
डासना क्षेत्र में स्थित 432 आवासीय इकाइयों के लिए दो सौ किलोलीटर की भंडारण क्षमता वाली जल टंकी और ट्यूबवेल की स्थापना की जाएगी. मधुबन-बापूधाम परिक्षेत्र की 856 इकाइयों हेतु 325 किलोलीटर वाली संरचना बनाई जाएगी.
प्रताप विहार के सेक्टर-12 में स्थित 1200 आवासों के लिए सबसे बड़ी 450 किलोलीटर क्षमता की टंकी के साथ दो ट्यूबवेल लगाए जाएंगे. इसी प्रकार नूरनगर की 480 इकाइयों के लिए दो सौ किलोलीटर तथा निवाड़ी के 528 फ्लैटों हेतु 250 किलोलीटर भंडारण क्षमता वाली सुविधा का निर्माण प्रस्तावित है.
लाभार्थियों को शीघ्र मिलेगा अपना घर
विकास प्राधिकरण का स्पष्ट कहना है कि जलापूर्ति प्रबंधन के पूर्ण होते ही आवंटित परिवार अपने निवास स्थानों में प्रवेश कर सकेंगे. यह उन हजारों परिवारों के लिए राहत की सांस होगी जो महीनों से अपने स्वयं के घर में बसने की प्रतीक्षा कर रहे हैं. किराये के बोझ से मुक्ति के साथ-साथ उन्हें अपनी स्वतंत्र छत का आनंद भी प्राप्त होगा.
प्रधानमंत्री आवास कार्यक्रम का प्राथमिक लक्ष्य निर्धन एवं आर्थिक दृष्टि से पिछड़े वर्ग के परिवारों को सुलभ एवं गुणवत्तायुक्त आवास सुलभ कराना है. किंतु मूलभूत सुविधाओं के अभाव में यह कार्यक्रम अधूरा प्रतीत होता है. गाजियाबाद में अब प्राधिकरण की सक्रियता से यह सुनिश्चित होगा कि वितरित परिवारों को संपूर्ण सुविधाओं सहित उनके आवास प्राप्त हों.
2025 में योजना के नवीनतम संशोधन
केंद्र सरकार ने वर्ष 2025 में इस महत्वाकांक्षी आवास परियोजना में अनेक महत्वपूर्ण परिवर्तन लागू किए हैं. पात्रता शर्तों में छूट प्रदान की गई है और विभिन्न आय श्रेणियों के लिए सीमा में संशोधन किया गया है. इसके अतिरिक्त गृह ऋण पर मिलने वाली ब्याज अनुदान राशि में भी वृद्धि की गई है तथा नए आवेदनों के लिए पोर्टल पुनः सक्रिय कर दिया गया है.
दिसंबर 2025 में केंद्रीय सरकार ने एक मुश्त 18,500 परिवारों के बैंक खातों में लगभग सौ करोड़ रुपये की धनराशि प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण प्रणाली के माध्यम से स्थानांतरित की. यह राशि सीधे हितग्राहियों के खातों में पहुंची, जिससे बिचौलियों की संभावना समाप्त हो गई.
निष्कर्ष: योजना का उद्देश्य होगा पूर्ण
गाजियाबाद में जलापूर्ति प्रबंधन की स्थापना से न केवल आवंटित परिवारों को राहत प्राप्त होगी, अपितु प्रधानमंत्री आवास कार्यक्रम का मूल उद्देश्य भी संपूर्णता से साकार होगा. विकास प्राधिकरण के इस सकारात्मक निर्णय से यह आशा जगी है कि आगामी कुछ माह में समस्त 3496 आवासीय इकाइयों में परिवार अपने प्रियजनों के साथ निवास करना प्रारंभ कर देंगे और उन्हें अपनी पक्की छत की खुशी का अनुभव होगा.
जल निगम की निष्क्रियता के बाद अब प्राधिकरण की पहल से यह सुनिश्चित हो गया है कि लाभार्थियों को उनका हक समय पर मिल सकेगा. जनवरी 2026 में निविदा जारी होने के बाद कार्य तेजी से आगे बढ़ेगा और गरीब परिवारों का अपने घर में बसने का सपना साकार होगा.
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