Mahila Rojgar Yojana: घरेलू कामगार से उद्यमी बनी सुनीता, अब हर महीने कमा रही हैं ₹25,000

Mahila Rojgar Yojana -जब हौसले और सरकारी नीतियों का संगम होता है, तो गरीबी और आर्थिक तंगी की बेड़ियां भी टूट जाती हैं। पटना के गांधी नगर की सुनीता देवी इस बात का जीवंत प्रमाण हैं। पांच साल तक घरेलू कामगार के रूप में मेहनत-मजदूरी करने वाली सुनीता के लिए बिहार सरकार की ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ (MMRY) एक फरिश्ता बनकर आई। आज सुनीता न केवल एक सफल महिला उद्यमी हैं, बल्कि अपनी सिलाई-कढ़ाई की दुकान से महीने में ₹25,000 तक कमाकर पांच अन्य महिलाओं को भी रोजगार दे रही हैं।

1. ₹10,000 की मदद से शुरू की सिलाई की दुकान
2. आज महीने में ₹25,000 तक की कमाई
3. पांच महिलाओं को दिया रोजगार का अवसर

संघर्षों की तपिश और निराशा का दौर

सुनीता का शुरुआती जीवन संघर्षों के बीच बीता। पति की अल्प आय और तीन बच्चों की जिम्मेदारी ने उन्हें घरेलू कामगार बनने को मजबूर कर दिया। चार-पांच घरों में झाड़ू-पोछा करके वे महीने में मुश्किल से ₹6,000-₹7,000 कमा पाती थीं। आलम यह था कि बच्चों की फीस, राशन और किराए में ही सारी कमाई खत्म हो जाती थी। सुनीता के पास सिलाई का हुनर था, लेकिन सिलाई मशीन खरीदने के लिए पैसे नहीं थे। समाज ने भी उन्हें उपेक्षा की दृष्टि से देखना शुरू कर दिया।

मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना का संबल

इस मुश्किल घड़ी में सुनीता को अपने इलाके की जीविका सखी से ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ के बारे में पता चला। ₹10,000 की शुरुआती आर्थिक मदद और बिना किसी गारंटी के यह राशि मिलने की बात सुनकर उनके भीतर आत्मविश्वास जागा। 31 दिसंबर 2025 तक आवेदन की अंतिम तिथि देखकर उन्होंने तुरंत अपने गांव की स्वयं सहायता समूह (SHG) में पंजीकरण कराया और योजना के लिए आवेदन किया।

कुछ ही दिनों में सुनीता के खाते में ₹10,000 आ गए। इस राशि से उन्होंने एक अच्छी सिलाई मशीन खरीदी और अपने घर के एक कमरे को छोटी सी सिलाई दुकान में बदल दिया। धीरे-धीरे लोगों ने उनके काम की गुणवत्ता को पसंद करना शुरू किया।

सिलाई से लेकर बुटीक तक का सफर

छह महीने की मेहनत के बाद, सुनीता का बिजनेस स्थिर हो चुका था। छह महीने बाद प्रगति दिखाने पर अतिरिक्त ₹2 लाख तक की सहायता मिल सकती है – यह सुनकर उन्होंने अपने व्यवसाय का विस्तार करने का निर्णय लिया। आज सुनीता केवल सिलाई ही नहीं, बल्कि फैंसी कढ़ाई, ब्लाउज डिजाइनिंग और छोटे-मोटे बुटीक आइटम भी तैयार करती हैं। उनके यहां पांच महिलाएं काम करती हैं, जिन्हें वे महीने में ₹4,000-₹5,000 तक की मजदूरी देती हैं।

सुनीता की सफलता देखकर गांव की अन्य महिलाओं को भी प्रेरणा मिली है। वे कहती हैं, “महिला रोजगार योजना ने मुझे सम्मान और आत्मनिर्भरता दी है। आज मैं अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दे पा रही हूं और किसी के सामने हाथ नहीं फैलाना पड़ता।”

मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना क्या है?

मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना (MMRY) बिहार सरकार द्वारा 29 अगस्त 2025 को शुरू की गई थी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 सितंबर 2025 को वर्चुअली इसका उद्घाटन किया। यह योजना राज्य की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और स्वरोजगार के अवसर देने के लिए शुरू की गई है। योजना का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उन्हें अपनी पसंद का रोजगार शुरू करने में मदद करना है।

योजना की मुख्य विशेषताएं:

प्रारंभिक राशि: हर परिवार की एक महिला को ₹10,000 की प्रारंभिक सहायता DBT के माध्यम से सीधे बैंक खाते में

अतिरिक्त सहायता: छह महीने में संतोषजनक प्रगति दिखाने पर ₹2 लाख तक की अतिरिक्त राशि

कोई गारंटी नहीं: किसी भी संपत्ति या जमानत की आवश्यकता नहीं

SHG का सहयोग: जीविका स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से प्रशिक्षण और मार्गदर्शन

बाजार सुविधा: हाट-बाजारों के माध्यम से उत्पादों की बिक्री की सुविधा

योजना की अद्भुत सफलता

अब तक 1.56 करोड़ महिलाओं को राशि मिल चुकी है। योजना के पहले ही दिन 75 लाख महिलाओं के बैंक खातों में ₹10-10 हजार की राशि ट्रांसफर की गई, कुल ₹7,500 करोड़ रुपये एक साथ भेजे गए।

किश्तों का विवरण:

  • पहली किश्त: 26 सितंबर 2025 – 75 लाख महिलाओं को
  • दूसरी किश्त: 3 अक्टूबर 2025 – 25 लाख महिलाओं को
  • तीसरी किश्त: 6 अक्टूबर 2025 – 21 लाख महिलाओं को
  • चौथी किश्त: 17 अक्टूबर 2025

सरकार ने योजना के तहत नियमित अंतराल पर राशि भेजने का समय निर्धारित किया है। दिसंबर 2025 तक सभी पात्र महिलाओं को राशि भेजने का लक्ष्य रखा गया है।

योजना के लिए पात्रता

Mahila Rojgar Yojana का लाभ लेने के लिए निम्नलिखित शर्तें पूरी करनी होंगी:

आयु सीमा: 18 से 60 वर्ष के बीच

निवास: बिहार की स्थायी निवासी होना अनिवार्य

परिवार: प्रत्येक परिवार की केवल एक महिला पात्र

SHG सदस्यता: स्वयं सहायता समूह की सदस्य होना या बनना जरूरी

आयकर: महिला या उसके पति आयकरदाता या सरकारी कर्मचारी नहीं होने चाहिए

बैंक खाता: आधार से लिंक्ड बैंक खाता होना आवश्यक है।

आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज

योजना में आवेदन करते समय निम्नलिखित दस्तावेज चाहिए:

  • आधार कार्ड
  • निवास प्रमाण पत्र (राशन कार्ड/वोटर ID)
  • बैंक पासबुक (आधार से लिंक्ड)
  • मोबाइल नंबर (आधार से लिंक्ड)
  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • आयु प्रमाण पत्र
  • परिवार के सदस्यों का विवरण
  • आय प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)

ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया

मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के लिए आवेदन पूरी तरह से ऑनलाइन है:

Step 1: आधिकारिक वेबसाइट https://mmry.brlps.in पर जाएं

Step 2: होमपेज पर “New Registration” या “Apply Online” विकल्प पर क्लिक करें

Step 3: अपने जिले का चयन करें

Step 4: आधार नंबर और मोबाइल नंबर दर्ज करें

Step 5: OTP से वेरिफिकेशन करें

Step 6: पंजीकरण फॉर्म में सभी जानकारी भरें:

  • व्यक्तिगत विवरण (नाम, पिता/पति का नाम, जन्मतिथि)
  • संपर्क विवरण (मोबाइल, ईमेल, पता)
  • बैंक खाता विवरण
  • SHG सदस्यता संख्या (यदि है)

Step 7: सभी दस्तावेजों की स्कैन कॉपी अपलोड करें

Step 8: रोजगार/व्यवसाय का प्रकार चुनें जो आप शुरू करना चाहती हैं

Step 9: Declaration पर टिक करें और Submit करें

Step 10: आवेदन संख्या नोट कर लें और रसीद डाउनलोड करें

SHG सदस्यों के लिए:

जो महिलाएं पहले से स्वयं सहायता समूह (जीविका) से जुड़ी हैं, उन्हें ऑनलाइन आवेदन करने की जरूरत नहीं है। उनका डाटा स्वचालित रूप से जीविका के माध्यम से अपलोड हो जाता है और राशि सीधे खाते में आ जाती है।

Payment Status कैसे चेक करें?

अपने आवेदन और भुगतान की स्थिति जांचने के लिए:

Step 1: https://mmry.brlps.in पर जाएं

Step 2: भुगतान स्थिति देखने के लिए “Payment Status” या “Check Status” पर क्लिक करें।

Step 3: आधार नंबर, रजिस्ट्रेशन नंबर या मोबाइल नंबर दर्ज करें

Step 4: OTP वेरिफाई करें

Step 5: आपकी स्क्रीन पर भुगतान की स्थिति दिख जाएगी

आप अपने बैंक स्टेटमेंट में “BRLPS” या “Mukhyamantri Mahila Rojgar Yojana” की एंट्री देखकर भी कन्फर्म कर सकती हैं।

योजना के अंतर्गत शुरू किए जा सकने वाले व्यवसाय

इस योजना के तहत महिलाएं विभिन्न प्रकार के छोटे-मोटे व्यवसाय शुरू कर सकती हैं:

घरेलू उद्योग:

  • सिलाई-कढ़ाई और बुटीक
  • पापड़-अचार बनाना
  • मसाला-बर्तन की दुकान
  • हस्तशिल्प और हैंडीक्राफ्ट

सेवा क्षेत्र:

  • ब्यूटी पार्लर
  • मेहंदी डिजाइन
  • केटरिंग सेवा
  • टिफिन सेंटर

कृषि आधारित:

  • मुर्गी पालन
  • बकरी पालन
  • मछली पालन
  • डेयरी फार्मिंग

खुदरा व्यापार:

  • किराना दुकान
  • कपड़े की दुकान
  • जनरल स्टोर
  • मोबाइल रिचार्ज सेंटर

जीविका SHG का महत्वपूर्ण रोल

बिहार का जीविका प्रोग्राम 10.6 लाख SHG संचालित करता है, जो ग्रामीण महिलाओं को माइक्रो-लोन, उद्यमिता और सामुदायिक नेतृत्व के माध्यम से सशक्त बनाता है। MMRY योजना जीविका के अनुशासन और सामाजिक पूंजी में प्लग इन करती है।

SHG द्वारा प्रदान की जाने वाली सुविधाएं:

  • उद्यमिता और छोटे व्यवसायों के लिए प्रशिक्षण और मार्गदर्शन
  • जीविका निधि साख सहकारी संघ के माध्यम से किफायती ऋण
  • पारदर्शी लेनदेन और फंड प्रबंधन के लिए डिजिटल सुविधा
  • निरंतर विकास और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए सामुदायिक समर्थन नेटवर्क

योजना से मिलने वाले अन्य लाभ

आर्थिक आत्मनिर्भरता: महिलाएं अपनी आय खुद अर्जित करने में सक्षम

सामाजिक सम्मान: परिवार और समाज में बेहतर स्थिति

प्रवासन कम: स्थानीय रोजगार के अवसरों से पलायन में कमी

कौशल विकास: SHG के माध्यम से विभिन्न प्रशिक्षण

बाजार पहुंच: सरकार द्वारा आयोजित हाट-बाजारों में उत्पाद बेचने का मौका

रोजगार सृजन: महिला उद्यमी अन्य महिलाओं को भी रोजगार दे सकती हैं

महत्वपूर्ण तिथियां और डेडलाइन

आवेदन की अंतिम तिथि: 31 दिसंबर 2025

यह तिथि बहुत महत्वपूर्ण है। इस तिथि के बाद कोई भी नया आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। जिन महिलाओं ने अभी तक आवेदन नहीं किया है, उन्हें जल्द से जल्द आवेदन कर देना चाहिए।

सावधानियां और महत्वपूर्ण सलाह

फर्जी वेबसाइट से बचें: केवल https://mmry.brlps.in ही असली वेबसाइट है

पैसे न दें: आवेदन पूरी तरह मुफ्त है, किसी भी एजेंट या दलाल को पैसे न दें

आधार अपडेट करें: बैंक खाता और मोबाइल नंबर आधार से लिंक होना जरूरी

जागरूक रहें: सरकारी योजना के नाम पर धोखाधड़ी से सावधान रहें

हेल्पलाइन: किसी भी समस्या के लिए 1800-345-6215 पर कॉल करें

दस्तावेज संभालें: आवेदन संख्या और रसीद सुरक्षित रखें

नियमित जांच: समय-समय पर अपने आवेदन की स्थिति चेक करें

Leave a Comment