NPS में निवेश सही या गलत? रिटायरमेंट पेंशन और टैक्स बेनिफिट की पूरी सच्चाई

नेशनल पेंशन स्कीम (NPS) को लेकर लोगों के मन में कई सवाल हैं। क्या यह योजना रिटायरमेंट के बाद अच्छी पेंशन दे सकती है? इसमें निवेश करना सही है या नहीं? टैक्स बेनिफिट कितना मिलता है? आइए जानते हैं NPS से जुड़ी हर जरूरी बात…

NPS क्या है और कैसे काम करती है?

नेशनल पेंशन स्कीम (NPS) भारत सरकार द्वारा शुरू की गई एक रिटायरमेंट सेविंग स्कीम है। इसे 2004 में सरकारी कर्मचारियों के लिए लॉन्च किया गया था, लेकिन 2009 से यह सभी भारतीय नागरिकों के लिए खोल दी गई।

NPS की खास बातें:

  • यह एक योगदान आधारित पेंशन योजना है
  • 18 से 70 साल की उम्र का कोई भी भारतीय नागरिक इसमें शामिल हो सकता है
  • आपका पैसा इक्विटी, कॉर्पोरेट बॉन्ड और सरकारी सिक्योरिटीज में निवेश होता है
  • 60 साल की उम्र तक आप नियमित योगदान करते रहते हैं

NPS में कितना मिलता है टैक्स बेनिफिट?

NPS की सबसे बड़ी खासियत इसका टैक्स बेनिफिट है। इनकम टैक्स एक्ट के तहत आपको तीन तरह के टैक्स लाभ मिलते हैं:

Section 80CCD(1): आप अपनी सैलरी का 10% या ₹1.5 लाख तक (जो भी कम हो) निवेश करके टैक्स छूट पा सकते हैं। यह Section 80C की ₹1.5 लाख की लिमिट में शामिल है।

Section 80CCD(1B): इसके अलावा ₹50,000 का अतिरिक्त डिडक्शन मिलता है। यानी कुल मिलाकर आप ₹2 लाख तक की टैक्स छूट क्लेम कर सकते हैं।

Section 80CCD(2): अगर आप सैलरीड एम्प्लॉई हैं, तो एम्प्लॉयर का योगदान (बेसिक सैलरी का 14% तक) पर भी अतिरिक्त टैक्स छूट मिलती है।

NPS से कितनी मिलेगी पेंशन?

यहां समझने वाली बात यह है कि NPS में कोई गारंटीड पेंशन नहीं है। आपकी फाइनल पेंशन इस बात पर निर्भर करती है:

  • आपने कुल कितना पैसा जमा किया
  • आपके निवेश पर कितना रिटर्न मिला
  • आप किस फंड मैनेजर को चुनते हैं

मैच्योरिटी पर क्या होता है? 60 साल की उम्र में आपको कम से कम 40% रकम से एन्युटी (annuity) खरीदनी होती है, जो आपको रेगुलर पेंशन देती है। बाकी 60% रकम आप निकाल सकते हैं, जिस पर टैक्स नहीं लगता।

NPS के फायदे

कम लागत: NPS का फंड मैनेजमेंट चार्ज बेहद कम है (0.01% से 0.25%), जो म्यूचुअल फंड से काफी कम है।

फ्लेक्सिबिलिटी: आप अपने निवेश को इक्विटी, कॉर्पोरेट बॉन्ड और गवर्नमेंट सिक्योरिटीज के बीच बांट सकते हैं।

पोर्टेबिलिटी: नौकरी बदलने पर भी आपका NPS अकाउंट चलता रहता है।

NPS की कमियां

लिक्विडिटी की समस्या: 60 साल से पहले आप सिर्फ इमरजेंसी में ही कुछ पैसा निकाल सकते हैं, वह भी सीमित मात्रा में।

एन्युटी की मजबूरी: 40% रकम से एन्युटी लेना जरूरी है, जिसके रिटर्न अक्सर कम होते हैं।

मार्केट रिस्क: इक्विटी एक्सपोजर के कारण आपके फंड में उतार-चढ़ाव हो सकता है।

क्या आपको NPS में निवेश करना चाहिए?

अगर आप सैलरीड एम्प्लॉई हैं और टैक्स सेविंग के साथ-साथ रिटायरमेंट प्लानिंग करना चाहते हैं, तो NPS एक अच्छा ऑप्शन है। Section 80CCD(1B) के तहत ₹50,000 का एक्स्ट्रा डिडक्शन इसे और आकर्षक बनाता है।

लेकिन अगर आपको शॉर्ट-टर्म में पैसे की जरूरत हो सकती है या आप गारंटीड पेंशन चाहते हैं, तो दूसरे ऑप्शन भी देखें। कई लोग NPS के साथ-साथ PPF या म्यूचुअल फंड में भी निवेश करते हैं ताकि एक बैलेंस्ड पोर्टफोलियो बन सके।

याद रखें: NPS लॉन्ग-टर्म रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए बनाई गई है। इसमें निवेश करने से पहले अपनी फाइनेंशियल गोल्स और रिस्क लेने की क्षमता जरूर समझ लें।

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