पोस्ट ऑफिस – देशभर के करोड़ों निवेशकों के लिए साल का आखिरी महत्वपूर्ण दिन नजदीक आ रहा है। वित्त मंत्रालय जनवरी-मार्च 2026 तिमाही के लिए पोस्ट ऑफिस की लघु बचत योजनाओं की ब्याज दरों की समीक्षा करने वाला है। 31 दिसंबर 2025 के आसपास नई दरों का ऐलान होने की उम्मीद है, जो निवेशकों की वित्तीय योजनाओं को प्रभावित कर सकता है। आइए जानते हैं कि इस बार क्या बदलाव संभव हैं और मौजूदा दरें क्या हैं।
लगातार सात तिमाही से दरें स्थिर
यह वित्त मंत्रालय की लगातार सातवीं तिमाही समीक्षा है जब छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरें यथावत बनी हुई हैं। अप्रैल-जून 2024 से लेकर अब तक निवेशकों को समान रिटर्न मिल रहा है। अक्टूबर-दिसंबर 2025 की तिमाही में भी कोई बदलाव नहीं किया गया था। अब सभी की नजरें इस बात पर हैं कि जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में क्या सरकार दरों में कोई संशोधन करेगी या फिर यह स्थिरता जारी रहेगी।
प्रमुख योजनाओं की मौजूदा ब्याज दरें
सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) और सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम (SCSS): दोनों योजनाओं पर फिलहाल 8.2% सालाना ब्याज दर मिल रही है। SSY बेटियों की शिक्षा और शादी के लिए सुरक्षित निवेश का विकल्प है, जबकि SCSS रिटायर्ड लोगों को नियमित आय प्रदान करती है। SCSS में हर तीन महीने में ब्याज खाते में जमा होता है।
पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम (POMIS): इस योजना पर 7.4% सालाना ब्याज मिलता है, जो हर महीने सीधे खाते में क्रेडिट किया जाता है। जो निविषक मासिक इनकम के तलाश में है यह उनके लिए एक आदर्श है।
पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (PPF): PPF पर 7.1% सालाना टैक्स-फ्री ब्याज मिलता है और यह लंबी अवधि के निवेश के लिए सबसे लोकप्रिय योजनाओं में से एक है। इसमें निवेश की गई राशि पर धारा 80C के तहत टैक्स छूट भी मिलती है।
नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (NSC): NSC पर 7.7% ब्याज दर उपलब्ध है और यह पांच साल की फिक्स्ड मैच्योरिटी के साथ आती है। यह योजना रूढ़िवादी निवेशकों के बीच काफी लोकप्रिय है।
किसान विकास पत्र (KVP): KVP 7.5% ब्याज दर के साथ निवेशकों को सुनिश्चित लाभ देता है। इस योजना में निवेश की गई राशि एक निश्चित अवधि में दोगुनी हो जाती है।
पोस्ट ऑफिस फिक्स्ड डिपॉजिट: तीन साल की एफडी पर 7.1% और पांच साल की एफडी पर 7.5% सालाना ब्याज मिलता है। पोस्ट ऑफिस सेविंग अकाउंट पर 4% सालाना ब्याज दर लागू है।
क्यों बनी हुई है स्थिरता?
RBI द्वारा 2025 में चार दरों में कटौती और बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट दरों में कमी के बावजूद, छोटी बचत योजनाओं ने उच्च दरें बनाए रखकर अपनी अपील बरकरार रखी है। इसकी वजह से कई बचतकर्ता पारंपरिक बैंक डिपॉजिट की तुलना में इन योजनाओं को प्राथमिकता दे रहे हैं।
निवेशकों की क्या है उम्मीद?
31 दिसंबर 2025 को होने वाली घोषणा का निवेशक बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों और महंगाई को देखते हुए सरकार ब्याज दरों में संशोधन का फैसला कर सकती है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि दरों में बढ़ोतरी की संभावना कम है, लेकिन स्थिरता बनाए रखना भी निवेशकों के लिए राहत की बात होगी।
PPF, SCSS और SSY जैसी प्रमुख योजनाओं में रिटर्न में कोई बदलाव होगा या नहीं, यह जल्द ही स्पष्ट हो जाएगा। अगर दरें घटती हैं तो निवेशकों को निराशा हो सकती है, लेकिन अगर दरें बढ़ती हैं या वर्तमान स्तर पर बनी रहती हैं तो यह एक सकारात्मक संकेत होगा।
निवेशकों के लिए सलाह
वित्तीय सलाहकार निवेशकों को सुझाव दे रहे हैं कि वे 31 दिसंबर की आधिकारिक घोषणा का इंतजार करें और जल्दबाजी में कोई निर्णय न लें। पोस्ट ऑफिस की बचत योजनाएं सरकारी गारंटी के साथ आती हैं और बाजार के उतार-चढ़ाव से सुरक्षित रहती हैं। लंबी अवधि के लक्ष्यों के लिए ये योजनाएं आज भी एक विश्वसनीय विकल्प बनी हुई हैं।

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